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जोकर

मई 23, 2008

निलय उपाध्याय की एक कविता

 

जोकर

 

सबसे पहले किसे जलील करते हैं जोकर ?

खुद को ।

 

उसके बाद किसे जलील करते हैं ?

समाजियों और नर्तकों को ।

 

और उसके बाद ?

 

उसके बाद

बहुत आक्रामक हो जाती है जोकर मुद्रा

वे हंसते हुए उतार लेते हैं

देवताओं के कपड़े ।

 

जो जानते हैं अश्लीलता की ताकत

और समाज में

उसे सिद्ध करने की कला

सिर्फ़ जोकर नहीं होते ।

 

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( नंदकिशोर नवल व संजय शांडिल्य द्वारा संपादित काव्य संकलन ‘संधि-वेला’ से साभार )