शक्ति से मद पैदा होता है
भवानी भाई की एक कविता
शक्ति से मद
शक्ति से मद पैदा होता है
सो भी आदमकद पैदा होता है
और फिर गठित होती हैं
आदमकद मद की टोलियां
ढाली जाती हैं उनके हाथों से
तलवारें और गोलियां
तय होता है बड़प्पन
जातियों और देशों का
शस्त्रों के अंबार से ।
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( काव्य संकलन ‘परिवर्तन जिए’ से साभार )
June 27, 2007 at 5:59 pm
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