शक्ति से मद पैदा होता है

By chaupatswami

 

भवानी भाई की एक कविता

 

शक्ति से मद

 

शक्ति से मद पैदा होता है

सो भी आदमकद पैदा होता है

 

और फिर गठित होती हैं

आदमकद मद की टोलियां

 

ढाली जाती हैं उनके हाथों से

तलवारें और गोलियां

 

तय होता है बड़प्पन

जातियों और देशों का

शस्त्रों के अंबार से ।

 

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( काव्य संकलन ‘परिवर्तन जिए’ से साभार )

One Response to “शक्ति से मद पैदा होता है”

  1. अफलातून Says:

    बहुत खूब | आभार |

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